फरीदाबाद के पल्ला क्षेत्र के रोशन नगर में दो महीने से लापता 25 वर्षीय महिला तनु राजपूत की लाश शुक्रवार को उसके ससुराल के बाहर बने एक सोक-पिट (गंदे पानी का गड्ढा) से बरामद की गई। पुलिस का कहना है कि तनु की हत्या उसके ही ससुराल वालों ने की और वारदात को छिपाने के लिए उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ बताकर फरार होने की झूठी कहानी गढ़ी गई।
तनु की पहचान उसके परिजनों ने उसके कपड़ों के आधार पर की। शव की हालत काफी सड़ी-गली थी। बादशाह खान सिविल अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमॉर्टम किया गया, जिसकी रिपोर्ट अगले सप्ताह आने की संभावना है।
हत्या के पीछे की कहानी:
तनु राजपूत की शादी 2023 में अरुण सिंह (28) से हुई थी। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के खेड़ा गांव की रहने वाली तनु 25 अप्रैल से लापता बताई जा रही थी। उसके पति अरुण ने पल्ला थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसमें तनु को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताते हुए कहा गया कि वह खुद ही घर से चली गई है।
लेकिन जब फरीदाबाद पुलिस ने मामले की जांच के दौरान तनु के मायके वालों से संपर्क किया, तो उन्होंने अरुण और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। तनु के पिता हकीम का कहना था कि उनकी बेटी को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, और शादी के बाद वह एक साल तक मायके में ही रही। पंचायत के बाद समझौता हुआ और तनु को ससुराल भेजा गया, लेकिन वहां हालात नहीं बदले।
हत्या की साजिश और खुलासा:
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि तनु की मौत स्वाभाविक नहीं थी। शुक्रवार सुबह पुलिस ने अरुण सिंह के पिता भूप सिंह (50) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। लगातार दबाव में भूप सिंह ने कबूल किया कि उन्होंने और उनके बेटे ने मिलकर तनु की हत्या की और शव को घर के बाहर खुदवाए गए 10 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 23 अप्रैल को भूप सिंह और अरुण ने जेसीबी मंगवाकर गड्ढा खुदवाया और अगले दिन मिस्त्री बुलाकर उसे ढंकवा दिया। उसी दिन तनु की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मायकेवालों के आरोप और पुलिस की लापरवाही:
तनु के पिता हकीम ने आरोप लगाया कि जब वह अपनी दूसरी बेटी प्रीति के साथ रोशन नगर गए थे, तब उन्होंने घर के बाहर गड्ढे को ताजा मिट्टी से ढका देखा और इस पर पुलिस को तुरंत जानकारी दी, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कई बार स्थानीय पुलिस स्टेशन जाकर इस संबंध में शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अंततः शुक्रवार को पुलिस, नायब तहसीलदार जसवंत सिंह की मौजूदगी में गड्ढे को खुदवाया गया, जहां से तनु का शव बरामद हुआ।
मामले में चार पर हत्या का मुकदमा:
पुलिस ने इस मामले में चार लोगों—भूप सिंह, उसकी पत्नी सोनिया, बेटा अरुण सिंह और बेटी काजल—के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। भूप सिंह और अरुण सिंह पुलिस हिरासत में हैं जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
यह घटना एक बार फिर महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा और दहेज प्रथा की क्रूर हकीकत को उजागर करती है।