हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी सामने आई है। जनवरी 2026 तक राज्य में कुल 15,451 शिक्षक पद रिक्त हैं। इस संबंध में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने विधानसभा में जानकारी दी। यह जानकारी कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में दी गई।
किस श्रेणी में कितने पद खाली
शिक्षा मंत्री के अनुसार रिक्त पदों में:
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3,998 पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT)
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7,707 ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT)/ESHMs
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3,746 प्राइमरी टीचर (PRT)/हेड टीचर
शामिल हैं।
जिला स्तर पर मेवात सबसे अधिक प्रभावित
जिला-वार आंकड़ों के अनुसार नूंह (मेवात) में सबसे अधिक 4,954 पद खाली हैं, जो राज्य में सबसे गंभीर स्थिति दर्शाता है। इसके बाद:
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यमुनानगर – 1,721 पद
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पलवल – 1,595 पद
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गुरुग्राम – 1,130 पद
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फरीदाबाद – 934 पद
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अंबाला – 925 पद
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सिरसा – 914 पद
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सोनीपत – 551 पद
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रोहतक – 314 पद
इन जिलों में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
छात्र-शिक्षक अनुपात क्या कहता है?
छात्र-शिक्षक अनुपात को लेकर भी विधानसभा में जानकारी दी गई।
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प्राथमिक स्तर पर अनुपात 27:1 है, जबकि निर्धारित मानक 30:1 है।
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उच्च प्राथमिक स्तर पर यह 18:1 है।
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माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर अनुपात 22:1 बताया गया, हालांकि इन कक्षाओं के लिए आरटीई के तहत कोई निश्चित मानक लागू नहीं है।
बुनियादी सुविधाओं की स्थिति
सरकार का दावा है कि राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में शौचालय और पेयजल की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा 124 स्कूलों में अतिरिक्त शौचालय ब्लॉक बनाने के लिए 1.92 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन निर्माण कार्यों में विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए सुविधाएं भी शामिल होंगी।
हालांकि, आंकड़ों से यह भी सामने आया है कि राज्य के 135 सरकारी स्कूलों में अब भी बाउंड्री वॉल नहीं है। इनमें:
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झज्जर – 16 स्कूल
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पलवल – 15 स्कूल
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पंचकूला – 12 स्कूल
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रेवाड़ी – 12 स्कूल
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अंबाला – 10 स्कूल
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यमुनानगर – 10 स्कूल
शामिल हैं।
निष्कर्ष
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की बड़ी संख्या में रिक्तियां शिक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन गई हैं। खासकर मेवात क्षेत्र में स्थिति गंभीर है। हालांकि सरकार बुनियादी सुविधाओं और छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित बताती है, लेकिन रिक्त पदों को जल्द भरना शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है।