हरियाणा के मुनाफेदार माने जाने वाले शराब कारोबार पर इस समय “अपराध का साया” गहराता जा रहा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और यमुनानगर जैसे हाई-पोटेंशियल इलाकों में भी बड़ी संख्या में शराब के ठेके अब तक नीलाम नहीं हो पाए हैं। सरकार की पांच बार की ऑनलाइन नीलामी के बावजूद राज्य के 22 में से 20 जिलों में शराब के जोन बिना बोलीदाता के रह गए हैं।
नीलामी प्रक्रिया में उदासीनता का मुख्य कारण अपराधियों की धमकियां और हालिया हिंसक घटनाएं मानी जा रही हैं। 13 जून को कुरुक्षेत्र में एक शराब ठेकेदार की हत्या के बाद पूरे राज्य में शराब व्यापारियों में डर का माहौल है। इसके बाद रोहतक और यमुनानगर में गोलीबारी और धमकियों की घटनाएं सामने आईं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हालात की गंभीरता को देखते हुए पहली बार शराब ठेकेदारों के साथ बैठक की और उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया। इसके साथ ही सैनी ने एक उच्चस्तरीय बैठक में पुलिस महानिदेशक को सख्ती से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
हालांकि हरियाणा में शराब का कारोबार पारदर्शी ऑनलाइन बोली प्रक्रिया के जरिए होता है और किसी बड़े सिंडिकेट का वर्चस्व नहीं है, लेकिन इस बार हिंसा और डर के माहौल ने व्यवस्था को चुनौती दे दी है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने 14,063 करोड़ रुपये के आबकारी राजस्व का लक्ष्य रखा है। अभी तक 934 शराब जोन की नीलामी से 11,054 करोड़ रुपये की आमदनी हो चुकी है, लेकिन 260 जोन अब भी बिना बोलीदाता के हैं, जिनकी आरक्षित कीमत 3,980 करोड़ रुपये है। अकेले यमुनानगर में 55 में से 45 जोन नीलाम नहीं हो पाए हैं।
पंचकूला के एक संभावित बोलीदाता ने कहा, “पड़ोसी राज्यों से मिल रही जबरदस्त प्रतिस्पर्धा और असंतुलित आबकारी नीति के कारण पहले ही मुनाफा घटा है, अब अपराधियों की धमकी ने आखिरी चोट कर दी है।”
पूर्व उपमुख्यमंत्री और पूर्व आबकारी मंत्री दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री सैनी के “गुंडागर्दी छोड़ दो या हरियाणा छोड़ दो” वाले पोस्टर पर तंज कसते हुए कहा, “मुख्यमंत्री को फ़िल्मी डायलॉग की बजाय कानून-व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। आज हरियाणा में अपराधी बेलगाम हैं और आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।”
हालांकि एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने दावा किया कि सैनी ने पुलिस को खुली छूट दे दी है, जिससे कानून-व्यवस्था में जल्द सुधार आएगा और बचे हुए शराब जोनों की नीलामी भी पूरी हो सकेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य अपने आबकारी राजस्व लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर लेगा।