हरियाणा में लोक गायकों पर कार्रवाई: गन कल्चर और हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप

हरियाणा में लोक गायकों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह कार्रवाई ‘गन कल्चर और हिंसा को बढ़ावा देने’ के आरोप में जनवरी से शुरू हुई, जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की थी।

हाल ही में मशहूर हरियाणवी गायक मासूम शर्मा को गुरुग्राम में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान एक प्रतिबंधित गाना गाने से रोक दिया गया था। हरियाणा पुलिस का साइबर विंग उन गानों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रहा है, जो लोक गायकों द्वारा गाए गए हैं और जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वे हिंसा और गन कल्चर को बढ़ावा देते हैं।

पुलिस की कार्रवाई

हरियाणा पुलिस ने पिछले पंद्रह दिनों में लगभग 10 गानों को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से हटाया है और कम से कम दो कंसर्ट, जिनमें एक गुरुग्राम में था, को बीच में रोक दिया। इन 10 प्रतिबंधित गानों में से छह गाने मशहूर गायक मासूम शर्मा ने गाए थे।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा था कि गाने और फिल्में लोगों को प्रेरित करती हैं और उनका समाज पर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा, “अगर अच्छे गाने होते हैं, तो समाज को एक सकारात्मक दिशा मिलती है।” यही कारण था कि पुलिस ने उन गानों के खिलाफ कार्रवाई की जो गन कल्चर और हिंसा को बढ़ावा देते थे।

विवाद का कारण

यह कार्रवाई गायक गजेंद्र फोगट के खिलाफ भी विवाद का कारण बनी, जो अब मुख्यमंत्री सैनी के विशेष कार्याधिकारी (OSD) हैं। मासूम शर्मा, जो जिन्द के ब्राह्मणवास गांव के निवासी हैं, पर आरोप है कि उनके गाने हिंसा, शराब, और गुंडागर्दी को बढ़ावा देते हैं। हाल ही में शर्मा को गुरुग्राम में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रतिबंधित गाना गाने से रोक दिया गया।

मासूम शर्मा ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए कहा, “यहां पर एक समानता होनी चाहिए। अगर मेरे गाने पर रोक लगाई जा रही है तो गजेंद्र फोगट का गाना ‘तड़के पावेगी लाश नहर में’ भी हटा दिया जाना चाहिए।” शर्मा ने यह भी कहा कि केवल हरियाणवी गायक ही क्यों निशाना बन रहे हैं, जबकि अन्य प्रदेशों के गानों में भी हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

फोगट का खंडन

गजेंद्र फोगट ने मासूम शर्मा के आरोपों को नकारते हुए उन्हें झूठा बताया। फोगट ने कहा, “गन कल्चर को बढ़ावा देने वाले गाने बच्चों पर बुरा असर डालते हैं, जिनमें कुछ सिर्फ आठ साल के होते हैं। गायक ऐसे गाने गाएं जो लोगों को अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करें, जैसे शहीद भगत सिंह और दयानंद सरस्वती पर गाने। इससे बच्चों और युवाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”

विपक्ष की प्रतिक्रिया

कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने विधानसभा में इस मामले को उठाते हुए कहा कि कई लोग गायकों के खिलाफ कार्रवाई को “अत्याचार” मानते हैं। शाहदरा के कांग्रेस विधायक रामकरण काला ने मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर बयान देने की मांग की और तीन गायकों — मासूम शर्मा, नरेंद्र भगाना, और अंकित बलियान — के गानों को हटाने को लेकर सवाल उठाए।

इस प्रकार हरियाणा में लोक गायकों के खिलाफ उठे इस विवाद ने राज्य की राजनीति और समाज में चर्चा का माहौल बना दिया है।

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