रेवाड़ी — हरियाणा के रेवाड़ी जिले में सोमवार को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अत्याधुनिक बायोमास पैलेट प्लांट का शुभारंभ किया। यह कदम स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मंत्री ने कहा कि यह परियोजना राज्य की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है और भारत के नवीकरणीय ऊर्जा भविष्य में हरियाणा की बड़ी भूमिका को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सौर ऊर्जा, बायोएनेर्जी और हाइड्रोजन सेक्टर में तेज विस्तार के साथ देश के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व करने की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत और ऊर्जा-सुरक्षित भविष्य के विज़न को साकार करने में यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।
हरियाणा में स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार तेज़
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम-कुसुम और पीएम सूर्य घर जैसी योजनाओं के चलते हरियाणा में सौर ऊर्जा का तेजी से विस्तार हो रहा है। अब तक 1.74 लाख सोलर पंप और 45,000 रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।
रेवाड़ी में स्थापित इस प्लांट की उत्पादन क्षमता 240 टन प्रतिदिन है। राज्य जल्द ही अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाकर 24 गीगावॉट तक पहुंचाने की दिशा में अग्रसर है, जबकि फिलहाल 12 गीगावॉट से अधिक क्षमता मौजूद है।
स्टबल बर्निंग पर लगेगी लगाम
जोशी ने बताया कि केंद्र सरकार ने एक व्यापक नीति अधिसूचित की है, जिसके तहत देशभर के कोयला-आधारित थर्मल पावर प्लांट्स में 5% बायोमास या टॉरिफाइड एमएसडब्ल्यू चारकोल के को-फायरिंग को अनिवार्य किया गया है। दिल्ली-एनसीआर के प्लांट्स में यह अनुपात 7% तक होगा, जिसमें से कम से कम आधा हिस्सा स्थानीय धान के पराली और अन्य कृषि अवशेषों से प्राप्त होगा।
इससे पराली जलाने की समस्या का समाधान होगा और किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बनेगा।
ग्रामीणों को नए अवसर, प्रदूषण में कमी
रेवाड़ी का यह बायोमास पैलेट प्लांट धान का पुआल, सरसों का ठूंठ और कपास की डंडियों जैसे कृषि अवशेषों का उपयोग करेगा। इससे:
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वायु प्रदूषण में कमी आएगी
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ग्रामीण समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे
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किसानों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ होगा
हरियाणा: स्वच्छ ऊर्जा का अग्रणी राज्य
जोशी ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत की बिजली उत्पादन क्षमता लगभग दोगुनी हो चुकी है और देश अब बिजली निर्यात करने में सक्षम है — जिसका लाभ हरियाणा को भी व्यापक रूप से मिला है।
उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा 2.8 गीगावॉट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा स्थापित कर चुका है, जिसमें 2.4 गीगावॉट सौर ऊर्जा शामिल है।
ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में हिसार, पानीपत और झज्जर में चल रही परियोजनाओं ने राज्य को वैश्विक स्वच्छ ईंधन क्रांति की अग्रिम पंक्ति में ला खड़ा किया है।
केंद्रीय मंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में हरियाणा स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करेगा और केंद्र सरकार राज्य की ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को निरंतर समर्थन देती रहेगी।