हरियाणा सरकार में वरिष्ठ मंत्री अनिल विज ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बडोली के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर जारी किए गए शो-कॉज नोटिस का जवाब पार्टी नेतृत्व को सौंप दिया है।
क्या है पूरा मामला?
भाजपा ने अनिल विज को पार्टी अनुशासन के उल्लंघन और मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने के लिए नोटिस जारी किया था। विज, जो हरियाणा सरकार में नंबर दो की पोजिशन रखते हैं, को तीन दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया था।
बुधवार को मीडिया से बातचीत में विज ने कहा, “मुझे तीन दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया था, और मैंने समय पर अपना जवाब सौंप दिया है। लेकिन इस नोटिस की हार्ड कॉपी मिलने से पहले ही यह मीडिया में लीक हो गई, जो जांच का विषय है।”
हालांकि, उन्होंने अपने जवाब के विवरण साझा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “अगर पार्टी को किसी अन्य मुद्दे पर जवाब चाहिए तो मैं वह भी दूंगा।”
शो-कॉज नोटिस में क्या कहा गया?
नोटिस में कहा गया कि विज के सार्वजनिक बयान पार्टी की नीति और अनुशासन के खिलाफ हैं, जिससे चुनावी माहौल में भाजपा की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।
नोटिस के मुख्य बिंदु:
✔ विज के बयान भाजपा की विचारधारा के खिलाफ
✔ दिल्ली चुनाव प्रचार के दौरान अनुचित टिप्पणी
✔ भाजपा की छवि खराब करने का आरोप
अनिल विज ने क्या कहा?
विज, जो हरियाणा के सात बार विधायक रह चुके हैं, ने कहा कि उन्होंने आठ पन्नों का जवाब पार्टी को भेजा है।
उन्होंने बताया, “मैं बेंगलुरु में था और मंगलवार रात लौटने के बाद ठंडे पानी से स्नान किया, खाना खाया और फिर जवाब लिखा।”
विवाद की जड़ क्या है?
पिछले महीने, अनिल विज ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था:
“हमारे मुख्यमंत्री कभी अपने उड़ते हुए रथ से नीचे नहीं आते। जब से वह मुख्यमंत्री बने हैं, तब से बस उड़ ही रहे हैं। अगर वह ज़मीन पर उतरें, तो जनता की समस्याओं को सुन सकते हैं। यह सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि सभी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों की आवाज़ है।”
इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री सैनी के करीबी भाजपा कार्यकर्ता आशीष तायल विधानसभा चुनावों के दौरान उनके विरोधी चितरा सरवारा के साथ थे।
विज ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली पर भी हमला किया था, जब उनके खिलाफ हिमाचल प्रदेश में गैंगरेप का केस दर्ज हुआ था। हालांकि, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इस केस को सबूतों के अभाव में खारिज कर दिया।
भविष्य की राह
विवाद के बीच भाजपा के हरियाणा प्रभारी सतीश पूनिया ने भी चंडीगढ़ में अनिल विज से मुलाकात की। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा हाईकमान उनके जवाब से संतुष्ट होता है या फिर उनके खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई की जाती है।