भारी बारिश के चलते अंबाला ज़िले से होकर बहने वाली टांगरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। शुक्रवार को हरियाणा के मंत्री अनिल विज जिला प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचे और प्रभावित इलाकों का जायज़ा लिया।
नदी में करीब 30,000 क्यूसेक पानी आने से अलर्ट जारी कर दिया गया। निचले इलाकों और नदी किनारे बसी बस्तियों में पानी घुस गया। मंत्री ने प्रशासन को सार्वजनिक घोषणाएँ करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए।
बचाव और राहत कार्य
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NDRF और SDRF टीमों को तैनात किया गया है।
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नौकाएँ तैयार रखी गई हैं और संवेदनशील कॉलोनियों जैसे मटिदास नगर, बेबियाल, महेशनगर आदि का सर्वे किया गया।
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कुछ स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है और नगर निगम ने जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंप लगाए हैं।
डीसी अजय सिंह तोमर ने बताया कि हिमाचल और मोरनी पहाड़ियों में रातभर हुई बारिश के बाद पानी का स्तर बढ़ा था, लेकिन अब घटने लगा है। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और कोई फंसे होने की सूचना नहीं है।
राजनीतिक विवाद
राजनीतिक कार्यकर्ता चित्रा सरवारा ने सरकार पर बाढ़ प्रबंधन की नाकामी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 30 लाख रुपये की अस्थायी तटबंध परियोजना बढ़ते दबाव में ढह गई, जिससे घरों और खेतों में पानी भर गया। उन्होंने प्रशासन को “लापरवाह और भ्रष्ट” ठहराते हुए तुरंत राहत शिविर, भोजन, पानी और शौचालय की व्यवस्था की मांग की।