मंगलवार को आशा वर्कर यूनियन के सदस्यों ने विभिन्न मांगों को लेकर अंबाला सीएमओ कार्यालय के समक्ष जमकर बवाल काटा। इस दौरान आशा वर्कर यूनियन के पदाधिकारियों ने डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव सिंगला को एक मांगपत्र भी सौंपा।पिछले लंबे समय से आशा वर्कर यूनियन के सदस्य अपनी मांगों को लेकर सरकार के मुख्यालयों व मंत्रियों के रिहायशी भवनों का घेराव करने की कोशिश भी करते रहे हैं। इसी के चलते आशा वर्कर यूनियन के सदस्यों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर एएसपी पूजा डाबला को भी मांगपत्र सौंपा है। इसके बाद आशा वर्कर यूनियन की सभी सदस्य अंबाला सीएमओ कार्यालय पहुंची, जहां पर उन्होंने जमकर बवाल काटा। इस मौके पर आशा वर्कर यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष सुरेखा, महासचिव सुनीता ने कहा कि हरियाणा की सभी आशा वर्कर आठ मार्च को महिला दिवस पर हड़ताल पर रहेंगी। इससे पहले आशा वर्करों के इस प्रदर्शन ने अंबाला पुलिस प्रशासन की मुश्किलें बढ़ाकर रखी। आशा वर्करों के प्रदर्शन व पुलिस लाइन के घेराव की सूचना जिला पुलिस प्रशासन को पहले से ही मिल चुकी थी। जिसको देखते हुए एसपी कार्यालय पहुंचने से पहले ही पुलिस लाइन व सीएमओ कार्यालय के आसपास पुलिस अधिकारी टीमों सहित तैनात कर दिए गए थे।
आशा वर्करों ने बताया कि 17 फरवरी के मामले में कमेटी बनाकर निष्पक्ष जांच करवाई जाए। जो इसमें दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। आशा वर्कर यूनियन के सदस्यों ने यह भी कहा कि अंबाला में स्वास्थ्य विभागीय अधिकारियों द्वारा आशा वर्करों को डराया धमकाया गया था। इसकी जांच होनी चाहिए। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। आशा वर्कर यूनियन के सदस्यों को बेवजह तंग किया जा रहा है।आशा वर्कर यूनियन की पदाधिकारियों ने विपक्षी पार्टियों से मांग करते हुए कहा कि सभी विपक्षी पार्टियों के नेताओं को आशा वर्कर के साथ की गई अभद्रता की जांच का ब्योरा प्रशासन से मांगना चाहिए। उनकी मांगों को विधानसभा में उठाने का प्रावधान सुनिश्चित करना चाहिए।
आशा वर्कर यूनियन के सदस्यों ने सीएमओ और एसपी कार्यालय पर काटा बवाल
