आंगनबाड़ी वर्कर एंड हैल्पर यूनियन की बीती आठ दिसंबर से हड़ताल के चलते तीन महिला नेताओं को सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। तीनों महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत थी। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी नुपुर ने तीनों कार्यकर्ताओं के बर्खास्त होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सल्लागढ़ आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता व यूनियन की जिला प्रधान उर्मिला, कृष्णा कॉलोनी केंद्र की कार्यकर्ता कृष्णा देवी और शेखपुरा केंद्र की कार्यकर्ता शशि बाला को बर्खास्त किया गया है। जिला में पिछले 64 दिन से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल चल रही है। हड़ताल का नेतृत्व पिछले 64 दिन से जिला प्रधान उर्मिला रावत कर रही है। यूनियन द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने बर्खास्त किए जाने के निर्णय को सरकार की दमनकारी कार्रवाई बताया। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है तब तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों ने पुरानी मांगों को दोहराते हुए आंदोलन को और तेज करने की धमकी दी। सीटू के जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी ने कहा कि हरियाणा सरकार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बारे में वर्ष 2018 की घोषणा लागू करनी पड़ेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार कार्यकर्ताओं के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है। प्रदेश की 40 हजार के करीब कार्यकर्ता सड़कों पर हैं। उर्मिला रावत ने कहा कि आइसीडीएस के तहत लाभार्थी तबकों जिनमें 0-6 साल के बच्चे, गर्भवती और दूध पिलाने वाली महिलाओं को दिया जा रही पोषण सामग्री बंद है। स्वास्थ्य व अन्य योजनाएं बुरे तरीके से प्रभावित हैं। सरकार ऐसे हालात में भी संवेदनहीन रवैया अपना रही है। आंदोलन को दमन व उत्पीड़न के तरीके से विफल करवाना चाहती है। सरकार के मंसूबे सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि 14 फरवरी को करनाल में प्रदेश भर की कार्यकर्ता पहुंचेंगी और सरकार को करारा जवाब देंगी। सरकार आंदोलन को खत्म करने के लिए कार्यकर्ताओं को सेवा से बर्खास्त कर रही है तथा मुकदमे दर्ज कर रही है। यह सरकार की बौखलाहट को ही दर्शाता है। इस प्रकार की कार्रवाई से आंदोलन कमजोर होने की बजाय और ज्यादा मजबूत होगा।
