तो ऐसे पढ़े – लिखे बेरोजगार युवाओं के लिए अच्छी खबर है । जिस काम को केंद्र व राज्य की सरकारें अभी तक नहीं कर पाई। उसका तोड़ ढूंढ लिया गया है। “काम आया ऐप “अब पढ़े – लिखे बेरोजगार युवाओं के जीवन में खुशियां लाने जा रहा है । इसी माह के अंत तक इस ऐप पर न केवल पढ़े – लिखे युवा ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे , बल्कि उद्योग जगत से जुड़े लोग ही नहीं देश – विदेश की बड़ी – बड़ी कंपनियां भी इस ऐप के माध्यम से पढ़े – लिखे युवाओं को रोजगार दे सकेंगी। यह जानकारी काम आया एप के ब्रांड एंबेसडर सुनील जागलान ने पत्रकार से खास बातचीत के दौरान दी।
आपको बता दें कि बेरोजगारी देश की एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। केंद्र सरकार इस को लेकर चिंतित है , तो विपक्ष लगातार हमलावर है। इसके अलावा रही सही कसर कोरोना महामारी ने पूरी कर दी । इसी को ध्यान में रखकर बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ के अलावा सेल्फी विद डॉटर के जनक सुनील जागलान एवं उनके साथियों ने बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए काम आया ऐप की शुरुआत कर दी है । इस ऐप से वैसे तो देशभर के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान होंगे , लेकिन हरियाणा के सबसे पिछड़े नूह जिले के लिए खास सौगात दी गई है । सुनील जागलान ने पत्रकार से बातचीत के दौरान कहा कि नूह जिले के युवाओं को न केवल ऑनलाइन आवेदन फ्री में कराया जाएगा , बल्कि उसके बाद प्रशिक्षण भी पूरी तरह से निशुल्क रखा जाएगा। दरअसल मेवात जिला शैक्षणिक व आर्थिक दृष्टि से काफी पिछड़ा हुआ जिला है। यहां पर बेरोजगारों की लंबी – चौड़ी फौज है । ऐसे में इस जिले के ज्यादा से ज्यादा पढ़े – लिखे या कम पढ़े – लिखे युवाओं को भी रोजगार मिल सके। इसके लिए काम आया बनकर पूरी तरह से तैयार हो चुकी है और इसी माह के अंत से यह ऐप आमजन के लिए खोल दी जाएगी । देश में जिस तरह बेरोजगारों की लंबी -चौड़ी सूची है । ठीक उसी तरह अब हर घर में , हर हाथ में एंड्रॉयड फोन आ चुका है। एंड्रॉयड फोन से प्ले स्टोर में जाकर काम आया ऐप डाउनलोड करनी होगी और उसमें यूजर नेम , पासवर्ड डालकर ऑडियो तथा वीडियो से बेरोजगार युवक नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे । ठीक इसी तरह कंपनी व बड़े उद्योग चलाने वाले लोग भी इस ऐप में वैकेंसी के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऐप पर आवेदन करने वाले युवाओं में से ही कंपनी के लिए युवाओं को चयनित कर लिया जाएगा । सुनील जागलान ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार इस बात को लेकर चिंतित है कि बेरोजगारों की दिन – प्रतिदिन बढ़ रही फौज को देखकर रोजगार के सुनहरे अवसर प्रदान किया जाए। ऐसे हालात में काम आया एप काफी घरों में खुशियां लाने में कामयाब रहेगी और न केवल सरकार की चिंताओं को दूर करेगी बल्कि एक नया रास्ता रोजगार के क्षेत्र में तैयार करेगी । काम आया ऐप के ब्रांड एंबेसडर सुनील जागलान ने कहा वह दिन दूर नहीं जब इस ऐप पर आवेदन करने वालों की संख्या रोजाना लाखों में होगी और काम देने वाली कंपनियों की संख्या हजारों में होगी तो काफी हद तक देश से बेरोजगारी की समस्या हल हो जाएगी ।
क्या है खास :- आपको बता दें कि गांव व शहरों में अधिकतर पढ़े – लिखे युवाओं को नौकरियों के बारे में समय पर जानकारी नहीं मिलती। दूसरा धन व संसाधनों के अभाव में युवा समय पर नौकरियों के लिए आवेदन नहीं कर पाते । दूरदराज इलाकों में नौकरी के लिए जाना तो किसी चुनौती से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि काम आया एप पर पूरी तरह से खर्च पर पाबंदी लगेगी और साथ ही घर बैठे युवा बढ़े आसान माध्यम ऑडियो तथा वीडियो से नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे। गांव के पढ़े – लिखे युवाओं को रिज्यूम या फिर ऑनलाइन आवेदन करने के लिए शहरों की तरफ किराया – भाड़ा खर्च करके नहीं जाना पड़ेगा । इससे ना केवल पढ़े – लिखे बेरोजगार युवाओं पर आर्थिक बोझ हटेगा बल्कि उनको बड़ी आसानी से घर बैठे नौकरी मिल जाएगी।
कौन है सुनील जागलान :- सुनील जागलान जींद जिले के बीबीपुर गांव के सरपंच रहे हैं। सुनील जागलान ने देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक सरपंच रहते हुए सुर्खियां बटोरी। उसके बाद उन्होंने बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ के क्षेत्र में अपने गांव में काम किया और इसे देश भर में साकार कर दिया । इसके बाद समाज में बेटियों का सम्मान बढ़ाने के लिए उन्होंने सेल्फी विद डॉटर अभियान की शुरुआत की। जिसके बाद देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक उनका यह अभियान सुर्खियां बटोर रहा है । देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सुनील जागलान की सराहना कई बार की है । सुनील जागलान प्रणव मुखर्जी फाउंडेशन में भी अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।