प्रज्ञा ठाकुर को उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब बुधवार को एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ “आतंकी वापस जाओ” के नारे लगाने शुरू कर दिए। यह मामला तब हुआ जब भोपाल से बीजेपी की सांसद प्रज्ञा ठाकुर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में धरने पर बैठीं दो लड़कियों से मिलने के लिए पहुंचीं थीं।
गौरतलब है कि दो छात्राओं में से एक ने अपने डिपार्टमेंट हेड के ऊपर अभद्रता से पेश आने का आरोप लगाते हुए मंगलवार की रात से ही गेट के सामने धरने पर बैठ गई थीं। वे यूनिवर्सिटी प्रशासन के उन फैसलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी, जिसमें उन्हें परीक्षा देने की इजाजत नहीं दी गई थी। उन्होंने यह दलील दी कि उनकी हाजिरी बीमारी के चलते कम है।
एनएसयूआई प्रसिडेंट विवेक त्रिपाठी ने कहा, “एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और यूनिवर्सिटी के छात्रों ने प्रज्ञा ठाकुर को कैंपस के अंदर आने की इजाजत नहीं दी, क्योंकि वह छात्रों से संबंधित मुद्दों पर राजनीति कर रही थीं।”
प्रज्ञा ठाकुर ने कहा- धरने पर बैठीं छात्राओं की तरफ से की गई कॉल के बाद मैं यूनिवर्सिटी गई थी। बाद में, मैं राज्यपाल लालजी टंडन से मिली और इस मामले में दखल देकर गर्ल्स स्टूडेंट को इंसाफ देने को कहा। राज्यपाल के निर्देश के बाद मैं यूनिवर्सिटी कैंपस में वापस लौट आई है और गर्ल्स स्टूडेंट्स से कहा कि वे अपना प्रदर्शन खत्म करें। इसमें कुछ एनएसयूआई के कार्यकर्ता थे जिन्होंने अभद्र नारे लगाए।
उन्होंने आगे कहा- मैं कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रही हूं ताकि जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि के खिलाफ अभद्रता में संलिप्त रहनेवाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।