Union Budget 2026 पेश होने के बाद हरियाणा में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। एक ओर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे राज्य के विकास के लिए “अत्यंत महत्वपूर्ण” बताते हुए नई ऊर्जा देने वाला बजट कहा, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने इसे “खोखला और निराशाजनक” करार देते हुए आरोप लगाया कि हरियाणा को इस बजट में कुछ नहीं मिला।
सैनी: कैपेक्स बढ़ोतरी से हरियाणा को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि ₹53.5 लाख करोड़ के कुल बजट आकार और ₹12.2 लाख करोड़ के बढ़े हुए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) से तेज़ी से विकसित हो रहे राज्यों, खासकर हरियाणा, को बड़ा फायदा होगा। उनके अनुसार, बढ़ा हुआ कैपेक्स रेल, सड़क, RRTS कॉरिडोर (दिल्ली–गुरुग्राम–फरीदाबाद), EV चार्जिंग नेटवर्क, इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) और अन्य बुनियादी परियोजनाओं को गति देगा।
उन्होंने कहा कि IMT खरखौदा, मानेसर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में नए निवेश आएंगे, जिससे लाखों रोजगार अवसर बनेंगे। RIDF और UIDF में वृद्धि से ग्रामीण और शहरी अवसंरचना को मजबूती मिलेगी।
सेमीकंडक्टर, MSME और स्किल डेवलपमेंट पर जोर
सैनी के अनुसार, Semiconductor Mission 2.0 से हरियाणा के इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को विशेष लाभ होगा। MSME, स्टार्टअप और बायोफार्मा सेक्टर के लिए विशेष प्रावधान युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे। ₹10,000 करोड़ की बायोफार्मा और लाइफ साइंसेज पहल से राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।
कृषि और ग्रामीण विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि प्रधान राज्य होने के कारण बजट में फसल विविधीकरण, जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर हरियाणा के किसानों के लिए लाभकारी होगा। उन्होंने दावा किया कि ‘मेरा पानी–मेरी विरासत’ जैसी राज्य की योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
16वें वित्त आयोग की सिफारिशों का जिक्र
सैनी ने बताया कि बजट में राज्यों के लिए अतिरिक्त ₹1.4 लाख करोड़ के टैक्स डिवोल्यूशन का प्रावधान है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों की हिस्सेदारी 41% बरकरार है। हरियाणा को इससे स्थिर वित्तीय सहयोग मिलेगा, जिसका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बुनियादी ढांचे में होगा।
हुड्डा का हमला: हरियाणा के साथ भेदभाव
पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने बजट को हरियाणा के लिए भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि किसानों, मजदूरों, गांवों और मध्यम वर्ग को कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई से राहत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और आयकर में कोई छूट नहीं दी गई।
शिक्षा और स्वास्थ्य में कटौती के आरोप
हुड्डा ने दावा किया कि शिक्षा पर GDP खर्च 2.3% से घटकर 1.1% रह गया है, जबकि स्वास्थ्य पर खर्च 1% से भी कम है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बजट कटौती की गई है।
किसानों की अनदेखी और MSP पर सवाल
हुड्डा ने आरोप लगाया कि किसानों के लिए न कर्ज माफी की बात है, न ही MSP को राष्ट्रीय किसान आयोग की सिफारिशों के अनुसार तय करने का कोई प्रावधान। उनके अनुसार किसान पहले से संकट में हैं और बजट में उनकी समस्याओं की अनदेखी हुई है।
विभिन्न क्षेत्रों में कटौती के दावे
हुड्डा ने ग्रामीण विकास, शहरी विकास, सामाजिक कल्याण, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़ी कटौतियों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजस्व व्यय और पूंजीगत व्यय दोनों में कमी आई है और MGNREGA पर भी खतरा मंडरा रहा है।
निष्कर्ष
Union Budget 2026 को लेकर हरियाणा में सत्ता और विपक्ष के बीच स्पष्ट मतभेद सामने आए हैं। जहां मुख्यमंत्री सैनी इसे राज्य के लिए विकास, निवेश और रोजगार का अवसर मानते हैं, वहीं हुड्डा इसे आम जनता और हरियाणा के हितों की अनदेखी बताते हैं। बजट के प्रभाव का वास्तविक आकलन आने वाले समय में परियोजनाओं और निवेश के धरातल पर दिखेगा।