कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा के पूर्व MLA परमेंद्र ढुल ने छोड़ी भाजपा, धनखड़ ने बताया घुमाऊ नेता

जींद/कैथल, हरियाणा के जुलाना से  2009 और 2014 में विधायक रह चुके भाजपा नेता परमेंद्र सिंह ढुल ने भारतीय जनता पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया है। उन्‍होंने कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को पार्टी को अलविदा कह दिया। ढुल ने कहा कि नए कृषि कानूनों से किसान व मजदूर बर्बाद हो जाएंगे। उनके लिए किसान हित पहले हैं और सत्ता बाद में, इसलिए वह भाजपा के इस्तीफा दे रहे हैं। बेटा रविंद्र ढुल हरियाणा सरकार में एडिशनल एडवोकेट जनरल और भाजपा मीडिया पैनल में है। उन्होंने भी दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया है। दूसरी ओर, हरियाणा भाजपा के प्रधान ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि परमेंद्र ढुल घुमाऊ नेता है।

जुलाना से वर्ष 2009 और 2014 में इनेलो के विधायक रह चुके

परमेंद्र सिंह ढुल 2009 और 2014 में इनेलो के टिकट पर विधायक बने थे। अभी साफ नहीं हुआ है अब वह कौन सी पार्टी ज्वाइन करेंगे। वैसे कयास लगाए जा रहे हैं वह बरोदा में हुड्डा के मंच पर कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। ढुल ने बीते विधानसभा से ऐन पहले इनेलो छोड़ भाजपा ज्वाइन की थी। पार्टी ने उन्हें जुलाना से चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन वह जेजेपी के नए चेहरे अमरजीत ढांडा से चुनाव हार गए थे।

पत्रकारों से बातचीत करते परमेंद्र सिंह ढुल।

मंगलवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में ढुल ने कहा कि उन्होंने पार्टी फोरम पर भी यह मुद्दा उठाया था कि किसानों की अनदेखी सही नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री सहित भाजपा-जजपा सरकार व भाजपा संगठन ने उनकी नहीं सुनी। ढुल ने कहा कि दीनबंधु चौधरी छोटूराम ने जिस कृषि व्यवस्था को स्थापित किया था, आज वह खतरे में पड़ गई है।

धनखड़ बोले, परमिंद्र ढुल टिकाऊ कम घुमाऊ ज्यादा हैं

 कैथल में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने परमेंद्र ढुल के पार्टी छोडऩे पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि परमेंद्र ढुल टिकाऊ कम और घुमाऊ ज्यादा हैं। वे लगभग हर पार्टी में घूम चुके हैं। हमारी पार्टी को भी उन्होंने मौका दिया था। मैं उनके सुखद भविष्य की कामना करता हूं।

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