नेशनल कांफ्रेंस जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा बहाल होने तक चुनाव नहीं लड़ेगी। पार्टी के लोकसभा सांसद मोहम्मद अकबर लोन ने यह बात श्रीनगर में बुधवार को आयोजित पार्टी की बैठक में कही। नेकां सांसद ने कहा कि जब तक 5 अगस्त से पहले की तरह स्थिति राज्य में बहाल नहीं हो जाती तब तक उनकी पार्टी किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। लोन ने जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे को वापस बहाल करने को लेकर दाखिल की गई याचिका पर कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि फैसला हमारे पक्ष में आएगा।
पीडीपी नेता सईद अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व में उभर रहे नए राजनितिक गु़ट के बारे में उन्होंने कहा कि लोगों कि आकांक्षाओं को दबाने के लिए साल 1953 से दिल्ली सरकार द्वारा ऐसे लोगों का समय-समय पर प्रयोग किया जाता रहा है। इस गुट में सबसे ज्यादा वही लोग हैं जो वर्ष 1984 में फारूक अब्दुल्ला की सरकार गिराकर नई सरकार बनाने में शामिल रहे।
कहा, सबको पता है कि वह सरकार कितने दिन चली थी। ऐसे लोगों को प्रयोग करके बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। भाजपा अपने एजेंडे को कश्मीर के लोगों तक पहुंचाने में सफल हो सकती है, क्योंकि नए गुट के लोगों में जनता की समझ नहीं है। लोग इस नए गुट को स्वीकार नहीं करेंगे। जम्मू-कश्मीर के लिए जो डोमिसाइल कानून का प्रचार किया जा रहा है उसका कोई महत्व नहीं है। हम ऐसे कानून की ओर देखेंगे भी नहीं। हम नेकां के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के एजेंडे पर ही चलेंगे।
इस्तीफा देने से क्या होगा- अकबर लोन
लोकसभा से इस्तीफा देने के प्रश्न पर लोन ने कहा कि इस्तीफा देने से हमें क्या मिलेगा। क्या सरकार हमारे नेताओं को छोड़ देगी? क्या वह हमें वो दे देगी जिसकी हम मांग कर रहे हैं।
पार्टी ने सांसद के बयान से किया किनारा
नेशनल कांफ्रेस ने पार्टी के सांसद मोहम्मद अकबर लोन द्वारा भविष्य के चुनावों में पार्टी की भागीदारी के बारे में की गई टिप्पणी से खुद को दूर कर लिया और कहा कि उन्होंने यह टिप्पणी अपनी व्यक्तिगत आधार पर की है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि भविष्य के बारे में कोई भी निर्णय केवल पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा, जो फिलहाल हिरासत में है।