कोटा. जेकेलोन अस्पताल में शुक्रवार सुबह एक और नवजात ने दम तोड़ दिया। जिस बच्ची की मौत हुई, उसका जन्म 15 दिन पहले ही हुआ था। बता दें कि इस अस्पताल में पिछले 33 दिन में 104 नवजातों की मौतों पहले ही हो चुकी है। जो अब 105 हो गया है। गत 30-31 दिसंबर को इस अस्पताल में 9 नवजातों की माैत हुई। दिसंबर में नवजातों की मौत का आंकड़ा 100 तक पहुंच गया। 2019 में यहां 963 बच्चों ने दम तोड़ा। इस दौरान मृत बच्ची की दादी अनारा देवी ने दैनिक भास्कर मोबाइल एप की टीम से बात की।
मृत बच्ची की दादी अनारा देवी ने बताया कि उसके बेटे ओम प्रकाश के 15 दिन पहले बेटी हुई थी। जिसे जेकेलोन अस्पताल में भर्ती किया था। जिसका इलाज नहीं हुआ। जिसकी आज मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि न जाने कितने ही बच्चे मर गए। डॉक्टर फिर भी कहते रहे की सही करेंगे। फिर भी सही नहीं हुई। बच्ची का जन्म गांव में ही हुआ था। जिसके बाद यहां भेजा गया था। उन्होंने बताया कि बीमारी के बारे में हम तो जानते नहीं। डॉक्टर ही जानता है।
आज कोटा आएंगे स्वास्थ मंत्री रघु शर्मा
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा आखिरकार शुक्रवार को हालात का जायजा लेने कोटा जाएंगे। डॉक्टर्स की टीम और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। वहीं, केंद्र के निर्देश पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की 5 सदस्यीय टीम भी कोटा पहुंचेंगी।
उच्च स्तरीय दल में शामिल इन डॉक्टर्स की टीम आएगी कोटा
(1) डॉ. कुलदीप सिंह, अध्यक्ष-बाल चिकित्सा विभाग एवं डीन एकेडमिक एम्स, जोधपुर
(2) डॉ. दीपक सक्सेना, वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक, राजस्थान, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, भारत सरकार
(3) डॉ. अरूण सिंह, प्रोफेसर, निओनेटोलॉजी, एम्स, जोधपुर
(4) डॉ. हिमांशु भूषण, सलाहकार, एनएचएसआरसी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री
टीम इन बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट केंद्र को सौपेंगी
विशेषज्ञों का दल राज्य सरकार के साथ मिलकर कोटा मेडिकल कॉलेज में मातृ, नवजात शिशु और बाल चिकित्सा देखभाल सेवाओं, क्लिनिकल प्रोटोकॉल, सेवाएं प्रदान करने, कर्मचारियों और उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा करेगा और कमियों के विश्लेषण के आधार पर संयुक्त कार्य योजना बनाएगा ताकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और राज्य चिकित्सा शिक्षा विभाग के जरिए कोटा मेडिकल कॉलेज को वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके।