चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र 18 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र के दौरान कांग्रेस पार्टी राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। यह फैसला कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने की। बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
बैठक में तय किया गया कि कांग्रेस विधानसभा सत्र के दौरान न केवल अविश्वास प्रस्ताव लाएगी, बल्कि स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और शून्यकाल में भी कई अहम मुद्दे उठाएगी। सीएलपी ने खेल परिसरों में खेल सुविधाओं और उपकरणों की कमी व जर्जर हालत, फर्जी मतदाता, और सरकार गठन में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा कांग्रेस पार्टी अरावली पर्वत श्रृंखला को बचाने, जलभराव से प्रभावित किसानों को मुआवजा, बढ़ते प्रदूषण, धान घोटाला, मनरेगा, नशाखोरी में वृद्धि, भ्रष्टाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को भी सदन में उठाएगी। पार्टी विधानसभा परिसर, एसवाईएल नहर, कानून-व्यवस्था और चंडीगढ़ की स्थिति पर भी चर्चा की मांग करेगी।
बैठक के दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हरियाणा में वोट चोरी कर सरकार बनाई है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले अवैध प्रलोभन देने और एक व्यक्ति के कई वोट बनवाने जैसे हथकंडों का इस्तेमाल किया गया। हुड्डा के अनुसार, इन्हीं कारणों से सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा और सदन में उसकी कथित कारगुजारियों को उजागर किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आगामी शीतकालीन सत्र में जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी की गई है और भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखा हमला किया जाएगा।