पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई जम्मू-कश्मीर के युवाओं से हनीट्रैप के जरिये सूचनाएं ले रही है। एक ऐसा ही मामला जम्मू के अंतरराष्ट्रीय सीमा के अरनिया सेक्टर में सामने आया है। आईएसआई की महिला एजेंट ने क्षेत्र के एक नाबालिग को अपने प्यार के जाल में फंसाकर उससे सुरक्षाबलों की मूवमेंट की कई जानकारी हासिल कर ली। महिला ने नाबालिग युवक को इंस्टाग्राम पर फंसाया। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस ने चार दिन पहले अरनिया के दो लड़कों को पकड़ा था। इसी से पूछताछ के बाद यह मामला सामने आया है। जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट बंद होने से पहले अरनिया का युवक पाकिस्तान की रहने वाली लड़की के संपर्क में आया। दोनों की इंस्टाग्राम पर बातें होने लगीं। युवती ने अपने को पंजाब निवासी बताया। दोनों में पंजाबी में बात होने लगी। धीरे-धीरे दोनों फेसबुक पर भी बात करने लगे। इस दौरान युवती सीमांत क्षेत्र में सुरक्षाबलों की मूवमेंट की तस्वीरें युवक से मंगवाती रही।
पकड़े थे दो युवक, एक को छोड़ा
अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू में इंटरनेट बंद हो गया। दोनों की दोस्ती पर ब्रेक लग गया लेकिन किसी तरह से युवक ने इंटरनेट का बंदोबस्त किया और दोनों की दोबारा बात होने लगी। पुलिस के पास इसकी जानकारी पहुंची। पुलिस ने युवक और उसके चचेरे भाई को पकड़ लिया। चार दिन तक पूछताछ करने के बाद यह कहानी सामने आई। हालांकि, पुलिस ने एक युवक को छोड़ दिया है लेकिन जिस युवक की युवती से बातें होती थी, उसे पकड़ लिया है। पुलिस इस मामले पर कुछ भी बताने से इनकार कर रही है।
आतंकियों के गुफा में छिपने की मिली सूचना, सेना ने दागे गोले
एलओसी से नौशेरा क्षेत्र में घुसे तीन आतंकियों को सातवें दिन सोमवार को खेड़ी इलाके में देखा गया। इनके एक प्राकृतिक गुफा में छिपे होने की सूचना पर सेना ने रॉकेट लांचर भी दागा, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। सेना ने पूरे इलाके को घेर रखा है। ज्ञात हो कि गत मंगलवार को तीनों आतंकी दब्बड़ क्षेत्र में एक बक्करवाल परिवार के घर में घुसकर सैन्य प्रतिष्ठानों तथा मुगल रोड का रास्ता पूछ रहे थे। इस दौरान हुई मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद वहां से आतंकवादी भाग निकले थे, तब से इलाके में लगातार सर्च आपरेशन चल रहा है। दब्बड़ से खेड़ी मात्र सात-आठ सौ मीटर की दूरी पर है।
नौशेरा के खेड़ी क्षेत्र में नाले के पास सोमवार सुबह तीनों बंदूकधारियों को बक्करवाल परिवार के एक व्यक्ति ने देखा और तुरंत सेना को सूचना दी। सेना और पुलिस ने इलाके के चप्पे-चप्पे को खंगाला। इस दौरान सेना को सूचना मिली कि तीनों आतंकवादी खेड़ी स्थित प्राकृतिक गुफा में छिपे हुए हैं। सैन्य सूत्रों के अनुसार गुफा के अंदर या तो आतंकवादी रॉकेट लांचर के हमले में मारे गए हैं। या फिर उनके पास हथियार व गोला बारूद कम है, इसलिए वह सेना की गोलाबारी का जवाब नहीं दे रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि तीनों आतंकवादी पिछले कुछ दिनों से खेड़ी गांव में ही छिपे बैठे हैं। वहां से भाग कर कश्मीर घाटी जाने की फिराक में हैं, लेकिन सेना के कड़े पहरे के चलते मंसूबे सफल नहीं हो पा रहे हैं।
सेना ने जारी की एडवाइजरी
आतंकियों के घुस आने की घटना के बाद गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग शाम ढलने के बाद घरों से नहीं निकल रहे हैं। उधर, सेना ने भी एडवाइजरी जारी कर लोगों से अनुरोध किया है कि वे सुबह छह बजे के बाद ही घरों से निकलें और शाम पांच बजे तक घरों में लौट जाएं।