चंडीगढ़: हरियाणा से राज्यसभा की दो सीटों पर हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध विजयी घोषित किए गए हैं। इन दोनों सीटों के लिए मतदान मंगलवार को संपन्न हुआ।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, कुल पांच वोट अमान्य घोषित किए गए, जिनमें चार कांग्रेस के और एक बीजेपी का वोट शामिल है। इन सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में थे—बीजेपी के संजय भाटिया, कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल।
निर्दलीय उम्मीदवार को मिला सीमित समर्थन
निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल का प्रस्ताव तीन निर्दलीय विधायकों—सावित्री जिंदल, राजेश जून और देवेंद्र कादियान—के साथ-साथ सात बीजेपी विधायकों द्वारा किया गया था। हालांकि, उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया और वे चुनाव हार गए।
आईएनएलडी ने किया मतदान का बहिष्कार
हरियाणा विधानसभा में दो विधायकों वाली इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) ने इस चुनाव में मतदान से दूरी बनाए रखी। पार्टी के इस फैसले का चुनावी गणित पर सीमित प्रभाव पड़ा।
विधानसभा में दलों की स्थिति
90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में बीजेपी के पास 48 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 37 विधायक हैं। इसके अलावा, आईएनएलडी के 2 और 3 विधायक निर्दलीय हैं। इस संख्या बल के आधार पर बीजेपी और कांग्रेस के एक-एक उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही थी।
किनकी जगह खाली हुई सीटें
हरियाणा से राज्यसभा की ये दोनों सीटें बीजेपी के सांसद किरण चौधरी और राम चंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को पूरा होने के कारण खाली हो रही हैं। इनके स्थान पर अब संजय भाटिया और करमवीर सिंह बौद्ध उच्च सदन में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
राजनीतिक संदेश
इस चुनाव परिणाम को हरियाणा की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का संकेत माना जा रहा है, जहां बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने आधार को बनाए रखने में सफल रही हैं। हालांकि, अमान्य वोटों की संख्या ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल भी खड़े किए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति में और अधिक सक्रियता देखने को मिल सकती है, खासकर लोकसभा चुनावों के मद्देनजर।