कुख्यात गैंगस्टर संदीप गडोली एनकाउंटर मामले में करीब दस साल बाद बड़ा फैसला सुनाते हुए मुंबई की सत्र अदालत ने शुक्रवार को सभी आठ आरोपियों को बरी कर दिया। बरी किए गए आरोपियों में हरियाणा पुलिस के पांच जवान भी शामिल हैं।
यह कथित एनकाउंटर 7 फरवरी 2016 को अंधेरी पूर्व स्थित एयरपोर्ट मेट्रो होटल में हुआ था, जो छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित है। गुरुग्राम का रहने वाला संदीप गडोली एक लाख रुपये के इनामी अपराधी के रूप में कई मामलों में वांछित था।
मामले में मुंबई पुलिस ने कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें हरियाणा पुलिस के पांच कर्मियों के अलावा गडोली की गर्लफ्रेंड दिव्या पाहुजा, उसकी मां सोनिया पाहुजा और प्रतिद्वंद्वी गैंग लीडर वीरेंद्र उर्फ बिंदर गुर्जर शामिल थे।
जांच के दौरान आरोप लगाया गया था कि गुर्जर, जो एक स्थानीय नेता भी बताया गया, ने पुरानी दुश्मनी के चलते इस एनकाउंटर की साजिश रची थी। अभियोजन पक्ष ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), आपसी बातचीत और तकनीकी सबूतों के आधार पर यह साबित करने की कोशिश की कि सभी आरोपी मिलकर एक सुनियोजित साजिश में शामिल थे।
ट्रायल के दौरान अभियोजन ने 43 गवाह पेश किए और सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स तथा बैलिस्टिक रिपोर्ट जैसे साक्ष्य अदालत के सामने रखे। हालांकि, अदालत ने इन सबूतों को पर्याप्त नहीं मानते हुए सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
गौरतलब है कि घटना के बाद गडोली के परिवार ने पहले उसका शव लेने से इनकार कर दिया था और बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। इसके बाद अदालत के निर्देश पर मुंबई पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने मामले की जांच की थी।
यह फैसला लंबे समय से चल रहे इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।