चंडीगढ़: हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया है। इस निर्णय से राज्य के 83.79 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
यह फैसला राज्य की बिजली वितरण कंपनियों द्वारा दाखिल वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई के बाद लिया गया। कंपनियों ने करीब ₹4,484.71 करोड़ के राजस्व घाटे का अनुमान जताया था, इसके बावजूद आयोग ने उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न डालने का निर्णय लिया।
आयोग के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा और सदस्य मुकेश गर्ग व शिव कुमार ने पंचकूला, गुरुग्राम, पानीपत, हिसार और यमुनानगर में हुई सार्वजनिक सुनवाई के बाद इस आदेश पर हस्ताक्षर किए।
प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को 5% छूट
आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा शुल्क और फिक्स्ड/न्यूनतम मासिक शुल्क पर 5% की छूट मिलती रहेगी। हालांकि, यह छूट अन्य शुल्क, ड्यूटी या सरचार्ज पर लागू नहीं होगी।
किसानों के लिए भारी सब्सिडी
कृषि क्षेत्र को राहत देने के लिए सरकार ने ₹7,870.32 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान किया है। इसके तहत किसान ट्यूबवेल के लिए बिजली मात्र ₹0.10 प्रति यूनिट की दर से चुकाएंगे, जबकि इसकी वास्तविक लागत ₹7.48 प्रति यूनिट है।
इसके अलावा, 31 दिसंबर 2023 तक ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले किसान 31 मई 2026 तक एकमुश्त अवसर के तहत बिना वरिष्ठता खोए अपना लोड बढ़ा सकते हैं।
दक्षता और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
आयोग ने बिजली खरीद प्रणाली को मजबूत करने और मांग प्रबंधन में सुधार पर जोर दिया है। साथ ही, वितरण कंपनियों को फीडर स्तर पर निगरानी बढ़ाकर लाइन लॉस कम करने और प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
संतुलित निर्णय
आयोग का यह फैसला उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ बिजली क्षेत्र में वित्तीय अनुशासन और दक्षता बढ़ाने की दिशा में संतुलित कदम माना जा रहा है।