चंडीगढ़: हरियाणा कैबिनेट ने राज्य में किफायती आवास को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए Affordable Group Housing (AGH) योजना के तहत फ्लैटों की अलॉटमेंट दरों में 10 से 12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह फैसला बढ़ती निर्माण लागत, महंगी जमीन और श्रम खर्च को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
अलग-अलग शहरों के लिए नई दरें तय
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब विभिन्न शहरों के लिए अधिकतम अलॉटमेंट दर (प्रति वर्ग फुट कार्पेट एरिया) इस प्रकार होगी:
- गुरुग्राम: ₹5,575 प्रति वर्ग फुट
- फरीदाबाद और सोहना: ₹5,450 प्रति वर्ग फुट
- पंचकूला, कालका, पिंजौर जैसे उच्च/मध्यम संभावित शहर: ₹5,050 प्रति वर्ग फुट
- कम संभावित शहर: ₹4,250 प्रति वर्ग फुट
पहले 2013 में तय हुई थीं दरें
AGH योजना के तहत फ्लैटों की कीमतें Affordable Housing Policy-2013 के क्लॉज 5 में निर्धारित की गई थीं। इन दरों में इससे पहले 2021 और 2023 में संशोधन किया गया था।
क्यों बढ़ाई गई कीमतें?
सरकार के अनुसार, डेवलपर्स की ओर से लगातार मांग की जा रही थी कि बढ़ती परियोजना लागत, जमीन की कीमत और निर्माण सामग्री व श्रम खर्च के कारण किफायती आवास बनाना मुश्किल हो रहा है। इन मांगों पर विचार करने के बाद सरकार ने दरों में वृद्धि का फैसला लिया।
किन परियोजनाओं पर लागू होगा फैसला?
नई दरें उन सभी लाइसेंसों पर लागू होंगी जो 2013 की नीति के तहत जारी किए गए हैं, लेकिन जहां अभी तक अलॉटमेंट नहीं हुआ है।
- जिन परियोजनाओं में आवेदन पहले ही आमंत्रित किए जा चुके हैं, वहां सफल आवेदकों से अतिरिक्त राशि ली जाएगी।
- ड्रॉ (लॉटरी) पहले से प्राप्त आवेदनों के आधार पर ही किया जाएगा।
- यदि कोई आवेदक नई दरों पर भाग नहीं लेना चाहता, तो उसकी जमा राशि बिना किसी कटौती के वापस कर दी जाएगी।
मिक्स्ड लैंड यूज नीति को भी मंजूरी
कैबिनेट ने मिक्स्ड लैंड यूज (Mixed Land Use) से जुड़ी नीति को भी मंजूरी दी है। इसके तहत अब किसी सेक्टर या ज़ोन में तय प्रतिशत सीमा की बाध्यता के बिना आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोग की अनुमति दी जाएगी।
हालांकि, इसके लिए ज़ोनिंग नियमों, पहुंच मार्ग और क्षेत्रीय मानकों का पालन अनिवार्य होगा।
क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से डेवलपर्स को राहत मिलेगी, लेकिन किफायती आवास खरीदने वाले लोगों पर कीमतों का बोझ बढ़ सकता है। वहीं, सरकार का कहना है कि इससे परियोजनाओं की व्यवहार्यता बढ़ेगी और अधिक लोगों तक योजना का लाभ पहुंच सकेगा।